भरतय संवधन सभ क प्रथम बैठक कब हुई

पंचायत चुनाव को विधानसभा और लोकसभा चुनाव का आधार माना जाता है। राजनीतिक दलों के पदाधिकारी बूथ को मजबूत करने के लिए प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की सीटों पर कब्जा जमाने की जुगत भिड़ाते हैं। सियासी दलों ने तीन महीना पहले से ही चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। पुनरीक्षण अभियान के दौरान वोटरलिस्ट बनवाने के लिए भी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। अब प्रधानी, बीडीसी और जिला पंचायत के दावेदार चुनावी समर में कूदने की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन अधिकांश गांवों में दावेदार एक से अधिक हैं। दावेदार सपा, बसपा और कांग्रेस के पदाधिकारियों से भी संपर्क साध रहे हैं, लेकिन सत्ताधारी पार्टी भाजपा से समर्थन हासिल करने की दौड़ में सर्वाधिक दावेदार हैं। पार्टी के बड़े नेता भी आरक्षण जारी होने पर फैसला करने की बात कह रहे हैं। वर्जन ::